दो बार टीबी होने पर क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 13:52

सतर्क नहीं रहने पर दोबारा हो सकती है टीबी

(क्षय रोग) अब पहले की तरह उतना घातक भले नहीं रहा, लेकिन यह रोग अभी भी प्रतिवर्ष हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग इस बीमारी के ज्यादातर शिकार हैं। यह बीमारी आनुवंशिक भी हो सकती है। टीबी का रोग यदि एक बार ठीक हो जाए तो यह दोबारा भी उभरकर सामने आ सकता है।

टीबी रोग के बैक्टीरिया इलाज के दौरान बचाव के लिए अस्थि मज्जा की मूल कोशिकाओं में छुप जाते हैं और कुछ समय बाद फिर से प्रकट होते हैं। यही वजह है कि इलाज के कुछ महीने या साल बाद टी.बी. की शिकायत दोबारा सामने आ जाती है। इसके अलावा ड्रग प्रतिरोधक (एमडीआर) टीबी भी कई बार पूरी तरह दवा लेने से ठीक नहीं होती। गौतमबुद्ध नगर में वर्ष 2016-17 के दौरान 4200 से अधिक टीबी के मरीज सामने आए हैं। इसमें बच्चे, महिलाएं व पुरुष सभी शामिल हैं। इनमें से करीब 150 मरीज एमडीआर टीबी के हैं। गत एक वर्ष में तीन से चार मरीजों की टीबी के कारण मौत भी हुई है। हालांकि टीबी रोग विशेषज्ञ व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीष जैन के अनुसार जिनकी मौत हुई, उन्हें टीबी के साथ कुछ अन्य बीमारी भी थी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पताल में इसकी जांच व दवा नि:शुल्क मौजूद है।

डॉक्टरों के अनुसार वास्तव में क्षय रोग के कीटाणुओं का कई बार जल्द पता नहीं चल पाता जिस कारण रोगी साधारण व्यक्ति की तरह ही दिखाई देता है। एक बार टीबी पर काबू पाने के बाद मरीज जब दोबारा इस बीमारी से ग्रसित होता है तो उसके इलाज में बहुत दिक्क़तें आती हैं क्योंकि दोबारा मरीज पर कई तरह के एंटीबॉयटिक का असर ही नहीं होता है।

जब भी टीबी के लक्षणों का पता चले तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। समय पर इसका इलाज शुरू होने पर बीमारी ठीक हो जाती है। बशर्ते लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। अन्यथा यह रोग दोबारा भी हो सकता है।

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